भतीजे ने चाची की चूत की आग बुझाई

chachi ki chudai story: हेलो दोस्तों कैसे है आप लोग? आशा करती हूं अच्छे होंगे. मेरा नाम रजनी सिंह है. मैं भोपाल से हूं. मेरे पति एक प्राइवेट कंपनी में काम करते है. ये स्टोरी मेरे और मेरे भतीजे की रियल लाइफ के बारे में है. मेरी उम्र 42 साल है. मेरा फिगर 34-30-36 है. मेरे भतीजे की उम्र 20 साल है. लड़के अपना लंड निकाल ले और लड़कियां और औरतें अपनी चूत में ऊँगली डाल ले. चलिए शुरू करते है.

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कुछ दिन पहले की बात है. मेरे पति ऑफिस गए थे. एक बात बताना भूल गयी. उसका नाम सचिन है. मेरा भतीजा कॉलेज में है पर वो घर रहता है और ओनली एग्जाम देने जाता है. वो जिम करता है तो उसकी बॉडी अच्छी है. मैं उसको उठाने गयी तो मैंने देखा उसका लंड खड़ा था. आज मैंने पहली बार उसका लंड देखा था. उसके लंड को देख के लग रहा था जैसे कोई कोबरा खड़ा हो. उसका साइज 6.5 इंच लम्बा और 2.5 इंच मोटा है. मेरी आज तक ठीक से चुदाई नहीं हुई. मेरे पति का लंड केवल 4 इंच का है. मेरे मन मे आज पहली बार आया की इसका मज़ा लेना चाहिए. पर घर में बदनामी न हो जाये इसलिए थोड़ा खुद को रोका. लेकिन मैंने उसके लंड को टच कर लिया. ऐसा लग रहा था कोई असली मर्द है. फिर मैंने उसको उठाया और नीचे नाश्ते के लिए बुला लिया. फिर जैसे ही वो नीचे आया उसने मुझे पीछे से हग किया. तब उसका लंड खड़ा था. पहले तो मैंने कुछ सेकण्ड्स उसके मज़े लिए. फिर उसको खुद से अलग किया और फिर नाश्ता कर लिया. पर आज उसके लंड का एहसास पा कर मेरे अंदर की औरत की प्यास जाग गयी. chachi ki chudai story

फिर आफ्टरनून में मैंने किचन का काम बोल के उसको नीचे बुलाया और खुद को उठाने को बोला. फिर उसने मुझे अपनी गोदी में उठाया. मैंने उसके फेस पर अपने बूब्स रख दिए जिससे उसका बैलेंस बिगड़ा और हम दोनों नीचे गिर गए. मैं उसके ऊपर गिर गयी जिससे मेरे लिप्स उसके लिप्स पर जा लगे. 15-20 सेकंड तक तो दोनों में किसी ने अलग होने की नहीं सोची. फिर बाद में अलग हो गए.

मैंने पुछा: कैसे गिर गए तुम?

तो वो बोला: मेरा बैलेंस बिगड़ गया था.

फिर उसने मुझे उठाया और मैंने फिर अपने बूब्स उसके फेस पर लगा दिए और अपना सामान उतार लिया. उसके बाद वो चला गया. शायद अभी जो हुआ उसके बाद तो उसने जाके मुठ मारी होगी. शाम को मेरे पति घर आ गए. फिर हमने खाना खाया पर सचिन आज मुझसे नज़र नहीं मिला रहा था. लग रहा था आज के हादसे की वजह से फिर वो अपने रूम में चला गया. रात को मैंने पति से बोला-

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मैं: चलिए सेक्स करते है.

मेरे बहुत कहने पर वो सेक्स करने लगे. कुछ टाइम में ही निकल गया उनका और वो सो गए. फिर मुझे अपनी चूत में ऊँगली करनी पड़ी. जब मैं ऊँगली कर रही थी तब मुझे लगा कोई मुझे देख रहा था. मैं समझ गयी सचिन होगा. तो मैं दरवाज़े की तरफ चूत करके ज़ोर-ज़ोर से ऊँगली करने लगी और धीरे से सचिन का नाम लेके झड़ गयी. फिर मॉर्निंग में उठी और पति को नाश्ता कराया और ऑफिस के लिए भेज दिया. उसके बाद मैं सचिन को उठाने गयी. आज फिर उसका लंड खड़ा था और उसे देख के आज मैंने उसे दोबारा छुआ. बहुत हार्ड था उसका उस टाइम. उसने उठने के बाद नाश्ता किया. आज सचिन मुझसे थोड़ा खुलने की कोशिश कर रहा था. वो मुझे छूने की कोशिश कर रहा था. फिर नहाने गयी और जान बूझ कर अपने कपडे नहीं ले गयी. मैं ब्रा और पैंटी में बाहर आ गयी. जब सचिन ने मुझे देखा तो देखता रह गया. मैं उसको होश में लायी और उससे पुछा-

मैं: क्या देख रहा है?

तो वो बोला: कुछ नहीं.

फिर मैं चली गयी. आज उसके बाथरूम का नल खराब हो गया तो वो आज नीचे के बाथरूम में नहाया. जब वो नहा कर निकला तो वो उस टाइम टॉवल में था. जैसे ही वो बाहर आया तो उसका टॉवल नीचे गिर गया और उसका लंड मेरी आँखों के सामने था. 3-4 सेकण्ड्स तो मैं उसको देखती रही. फिर वो टॉवल उठा के भाग गया. फिर जब हम आफ्टरनून में खाना खा रहे थे तब उसने मुझको सॉरी बोला आज के लिए. मैंने उसको इट्स ओके बोल दिया और कहा- chachi ki chudai story

मैं: क्यूंकि तुमने भी तो मुझे ब्रा और पैंटी में देखा था. तो हिसाब बराबर.

जब मैंने ये बोला तो उसका मुँह खुला रह गया. फिर हमने खाना खत्म किया और मूवी देखने लगे. उसमे जिस्म मूवी चल रही थी और किस सीन चालु था. उसे देख कर सचिन मुझे देखने लगा. फिर जैसे ही मैंने उसको देखा तो उसने नज़र घुमा ली और चैनल चेंज कर दिया. मैंने उसको मेरे पैर दबाने के लिए बोला. जैसे ही उसने मेरे पैरों को छुआ मेरी तो पूरी बॉडी में करंट सा लग गया. मेरी चूत गीली होने लगी. फिर वो पैर दबाने लगा. वो थोड़ा टाइट दबा रहा था. तब मेरे मुँह से ‘आह!! मर् गयी’ ये लाइन निकल गयी. वो मुझे देखने लगा.

मैंने उसको बोला: तुम बहुत टाइट दबा रहे हो. इसलिए मुँह से निकल गया.

फिर मैंने उसको रूम में भेज दिया. मैं सोने चली गयी. आज सपने में भी में उसका बड़ा लंड ही आ रहा था. जब उठी तो सचिन भी आ गया. फिर हमने शाम को चाय पी. मैं उसको उसकी प्राइवेट लाइफ के बारे में पूछने लगी-

मैं: कितनी गर्लफ्रेंड है तेरी?

इसपे वो बोला: एक भी नहीं.

मैंने बोला: मैं मान नहीं सकती. अच्छा दिखता है हाइट भी अच्छी है बॉडी भी अच्छी है. और तेरी कोई गर्लफ्रेंड भी नहीं है. झूठ बोल रहा है तू.

फिर वो बोलने लगा: नहीं आज तक कोई लड़की सेट ही नहीं हुई.

फिर मैं और पूछने लगी: कोई तो होगी जिसने तुझे प्रोपोज़ किया होगा.

तब उसने बोला: एक लड़की थी पर मुझे वो अच्छी नहीं लगी.

फिर वो बोला: मुझे लड़कियों में इंटरेस्ट नहीं है.

मैं बोली: फिर क्या मेरे जैसी 40 साल की औरत में इंटरेस्ट है?

इसपे वो स्माइल करा और धीरे से बोला: हम्म्म.

फिर मैं बोली: 40 साल की में तुझे क्या मिलेगा?

वो बोला: बहुत कुछ.

मैं बोली: अपनी उम्र की लड़की देख तुझे मज़ा आएगा. कहाँ हम जैसी 40 साल की बुद्धियों के चक्कर में पड़ रहा है? कुछ मज़ा नहीं आएगा.

इसपे वो बोला: मज़ा तो बहुत आएगा कोई पक्का खिलाडी हो मेरी तरह तो.

इसपे मैंने थोड़ी स्माइल दी और उसको बोली: बहुत नॉटी बातें करने लगा है. चल जा अब पढ़ ले.

जाते टाइम धीरे से बोला: मैं बहुत पक्का खिलाडी हूं. एक बार चांस दो.

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फिर मैंने उसको कुछ नहीं बोला और वो चला गया. ये बात सुन कर मैंने स्माइल कर दी और वो वहाँ से चला गया. शाम को पति आ गए. फिर जब खाना खा रहे थे तब सचिन मुझे देख रहा था. पति का दूसरी तरफ मुँह था. मैंने उसको इशारों से खाना खाने के लिए बोला. जब मैं किचन में काम कर रही थी तब सचिन मेरी गांड को देख रहा था और मेरे पास आके धीरे से दूध मांगने लगा. मैंने उसको स्माइल देके दूध दे दिया. इसपे वो बोला-

सचिन: दूध पीने से ताकत आती है और जोश बना रहता है.

मैंने स्माइल करि और वो चला गया. रात जब मैं ऊपर ये देखने गयी कि मेरा लड़का सो गया के नहीं तब सचिन मुठ मार रहा था. उस टाइम उसका लंड अपने असली रूप में था जिसे देख के मेरी साँसे तेज़ हो गयी और एक अलग ख़ुशी मुझे मिली. मैं उसे देखती रही. वो अपने लैपटॉप में मेरी फोटो को देख के मुठ मार रहा था. मुझे अच्छा लगा क्यूंकि ये बात तो पक्की हो गयी कि सचिन भी मुझे चोदना चाहता था. फिर उसका माल निकला. माल इतना ज़्यादा था कि एक आधा गिलास भर जाये. फिर मैं नीचे सोने चली गयी. जाते ही मैंने अपनी सलवार निकाली और अपनी चूत में ऊँगली करने लगी और कुछ देर बाद मैं झड़ गयी. फिर मैं सो गयी. मॉर्निंग में पति को नाश्ता करवाया और फिर वो ऑफिस चले गए. फिर सचिन को उठाया और उसके लंड को सहलाया. नाश्ता करने के बाद उसको नहाने को बोला क्यूंकि मुझे मार्किट जाना था. फिर हम 11 बजे एक मॉल में गए. वहाँ पहले सचिन के लिए कुछ पैंट लिए. फिर वो उनको ट्राई करने गया और मैं भी साथ में गयी. उस टाइम ज़्यादा भीड़ नहीं थी मॉल में. जैसे ही उसने पहली पेण्ट पहनी और मुझे दिखाई तो मैंने उसको मना कर दिया की अच्छा नहीं लग रहा. फिर वो गेट बंद करने लगा. chachi ki chudai story

मैंने उसको मना कर दिया. वो मेरे सामने ही चेंज करने लगा. उसका लंड तब भी काफी बड़ा और मोटा लग रहा था. फिर मुझे देख के वो खड़ा होने लगा. वो उसे छुपाने लगा. मैंने उसे देख के एक स्माइल कर दी और उसको बोला-

मैं: ये क्यों खड़ा हो रहा है. उसको बोल चाची है.

इस बात पर वो बोला: उसको क्या पता कौनसा रिश्ता क्या होता है? वो कुछ नहीं समझता.

मैंने स्माइल करि और उसको बोला: बहुत शरारती हो गया है कुछ दिन से.

फिर हम लेडीज के कपड़ो की साइड गए. वहाँ से मैंने अपने लिए ब्रा और पैंटी ली.

मैंने उसको पूछा- मैं: कौनसा लू पहले?

वो शर्मा गया. फिर उसने बताया. फिर हम एक होटल में गए. वह एक लड़की हमें देख के बोली-

लड़की: आप दोनों की जोड़ी बहुत अच्छी लग रही है.

इससे पहले वो कुछ बोलता मैंने सचिन को चुप करा दिया और हम खाना खा के घर आ गए. घर जाके सचिन ने मुझे पूछा-

सचिन: आपने वहाँ मुझे कुछ क्यों नहीं बोलने दिया?

तो मैंने उसको बोला: क्यों हमारी जोड़ी खराब लगती है?

इसपे वो कुछ नहीं बोला. फिर मैं अपने रूम में गयी और ब्रा-पैंटी ट्राई करने लगी और सचिन को रूम में बुला लिया. जब उसने मुझे ब्रा पैंटी में देखा तो उसका लंड खड़ा हो गया. वो मुझे मुँह खोल के देखने लगा. मैंने उसको होश में लाया..

फिर वो बोला: ये क्या है?

मैं उसको बोली: मैंने तुमको मॉल में चड्डी में देखा था. अब तुम मुझे देख लो हिसाब बराबर.

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सचिन मेरे बूब्स को देखे जा रहा था. मेरे बूब्स एक-दम वाइट थे और ब्रा से आधे बाहर आ रहे थे जिसे देख के सचिन के लंड का बुरा हाल था. फिर मैं शीशे के सामने खड़ी होके अपनी ब्रा उतारने लगी. पर वो उतर नहीं रही थी. तो मैंने सचिन की हेल्प मांगी. वो हेल्प करने आया और उसका खड़ा लंड मेरी गांड में चुभने लगा. उसने मेरी ब्रा के हुक खोल दिए और मैंने जान-बूझ कर ब्रा नीचे गिरा दी. मेरे 34 इंच के बूब्स सचिन के सामने एक-दम नंगे थे जिसे देख कर सचिन ने अपना लंड मेरी गांड में ज़ोर से दबा दिया और वहाँ से भाग गया.

फिर शाम को सचिन मुझसे बोला: चाची जी आप ही मेरी गर्लफ्रेंड बन जाओ. मुझसे कोई सेट नहीं होती.

उसकी ये बात सुन कर मैं उसे देखने लगी.

मैंने उसको बोला: मुझमे क्या रखा है? कोई जवान लड़की देख.

वो बोला: आप में क्या कमी है? अच्छी दिखती हो. कोई आपको देख के कह नहीं सकता आपकी उम्र 40 है और आपने बोला था कि हमारी जोड़ी अच्छी लगती है.

मेरे मन की बात बोल दी सचिन ने. पर मैंने उसको बोला-

मैं: मैं सोच के बताती हूं.

फिर रात को खाना खाया और सो गए. अगले दिन सैटरडे था. सैटरडे और संडे को मेरे पति ऑफिस नहीं जाते वो घर पर रहते है. मुझे ये पता था की आज कुछ नहीं हो सकता था. मैंने सचिन को नाश्ता करने के बाद बोला-

मैं: मुझे कार सिखा दे.

मेरे पति भी कह दिए की सीखा दे. फिर वो मुझे कार में बिठा के एक खाली मैदान में ले गया और मुझे गाडी दे दी चलाने के लिए. पर मैं हर बार गलती से ज़ोर से ब्रेक लगा रही थी.

वो बोला: ऐसे तो आप कभी नहीं ड्राइविंग सीख सकती.

मैंने उसको बोला: तुम मुझे अपनी गोदी में बिठा लो और सीखा दो.

इसपे वो बोला: अगर आपको कोई दिक्कत नहीं है तो ओके.

फिर मैं उतर गयी और वो ड्राइविंग सीट पर बैठ गया. मैं उसके ऊपर बैठ गयी. मेरे बैठने के कुछ देर बाद उसका लंड खड़ा हो गया. मैंने उसको देखा तो उसने मुझे के स्माइल कर दी और बोला-

सचिन: मैं क्या करू हो गया.

फिर मैं भी झटके से ब्रेक लगाती जिससे उसके लंड को रगड़ सकू. उसके बाद उसने ज़ोर से ब्रेक लगा दी और मेरे बूब्स पकड़ लिए. नहीं तो मैं कार के शीशे में पड़ती और कुछ देर पकडे रखा. फिर मैंने उसको देखा तो उसने छोड़ दिए. उसके बाद हम घर आ गए. जब आफ्टरनून में पति सो रहे थे तब सचिन ने मुझे मेरे पीछे से आके हग किया और अपना लंड मेरी गांड में दबा दिया. इससे मेरे मुँह से आह आह की आवाज़ निकल गयी. फिर शाम को गाडी चलाने गयी. इस टाइम मैंने अपनी सलवार की जगह लोअर टी-शर्ट पहनी थी. जिसमे मैं बम लग रही थी. सचिन उसी मैदान में ले गया और मैं उसके ऊपर बैठ के उसके लंड को महसूस करने लगी. एक टाइम ऐसा आया की दोनों के अंदर आग ज़्यादा लग गयी और सचिन ने गाडी रोकी और मुझे किस करने लगा. मैं भी उसका साथ देने लगी. सचिन किस के साथ ही मेरे बूब्स को दबा रहा था जिससे मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था.

जब मैं और सचिन एक-दुसरे को किश कर रहे थे तो उस मैदान में कोई नहीं था. इसलिए हमें टेंशन नहीं थी. सचिन मेरी गांड को दबाने लग गया और मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था. वो बोल रहा था- chachi ki chudai story

सचिन: कितने दिनों से तड़पा रही हो चाची जी. आज तो आपको जन्नत की सैर करा के रहूँगा.

मैं सिसकियाँ ले रही थी: आह मर गयी. बहुत मज़ा रहा था.

फिर मैंने उसको रोका-

मै: यहाँ नहीं घर पर. पर वो नहीं माना.

फिर मैंने उसको मनाया और वो मान गया. उसके बाद हम गाडी लेकर घर आ गए. आज पति की नाईट ड्यूटी लग गयी तो मुझे और सचिन को तो बहुत मज़ा आ गया. सचिन ने मुझे देख के स्माइल कर दी. शाम को पति ऑफिस चले गए और सचिन अपने रूम से नीचे आके मेरी गांड दबाने लगा. मैंने उसको मना किया कि रात को करेंगे पर वो नहीं माना. मैंने उसको मनाया रात को अपने बेटे जल्दी सुला दिया और 9 बजे मैं सचिन के रूम में गयी. वो बहुत एक्ससाइटेड था. जैसे ही मैं उसके पास गयी उसने मुझे अपने पास खींच लिया और किस करने लगा. फिर हम 20 मिनट तक किस करते रहे. वो कभी मेरे बूब्स तो कभी मेरी गांड दबाता. फिर मैं उठी और रूम को लॉक कर दिया. फिर मैं कपडे उतारने लगी तो उसने मुझे रोक दिया. वो खुद मेरे कपडे उतारने लगा. पहले मेरी टी-शर्ट फिर मेरा लोवर. मैं अब उसके सामने सिर्फ ब्रा और पैंटी में रह गयी. फिर मैंने उसके कपडे उतारे. वो सिर्फ चड्डी में रह गया जिसमे उसका लंड साफ़ दिख रहा था. फिर वो मुझे दोबारा किस करने लगा. कभी मेरी नैक पर कभी मेरे लिप्स पर कभी मेरे बूब्स पर. फिर उसने मेरी ब्रा उतार दी और वो मेरे बूब्स को मसलने लगा.

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मुझे बहुत अच्छा लग रहा था. फिर वो मेरे पेट पर किस करने लगा. उसके बाद वो मेरी पैंटी उतारने लगा. फिर उसने मेरी टांगो को वाइड किया और मेरी चूत को देखने लगा. चूत देख के वो बोला-

सचिन: ये तो बहुत क्यूट है.

मैं बोली: तेरी है आज से. जल्दी से इसे खुश कर दे.

वो बोला: कर दूंगा पहले इसे मैं देख तो लू.

फिर उसने अपनी ऊँगली मेरी चूत में डाली और अंदर-बाहर करने लगा. मुझे तो जैसे जन्नत मिल गयी ऐसा लग रहा था. मेरे मुँह से लगातार आह आह आह्ह्ह्ह की आवाज़ आ रही थी. फिर उसने अपना मुँह मेरी चूत पर रख दिया और अपनी जीभ से मेरी चूत को चाटने लगा. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. ऐसा लग रहा था ये पल कभी खत्म न हो.

मै: आह आह माँ मर गयी आह आह चाट ले बेटा तेरी चाची की चूत. बहुत दिन से प्यासी है बुझा दे इसकी प्यास. chachi ki chudai story

15-20 मिनट में मैं झड़ गयी और वो मेरी चूत का सारा पानी पी गया.

वो बोला: इतना अच्छा पानी मैंने आज तक नहीं पिया.

फिर मैंने उसको लिटाया और खुद उसके लंड को देखने लगी. फिर मैंने उसकी चड्डी को उतारा और उसके लंड पर हाथ फेरने लगी. उसका लंड किसी घोड़े जैसे लग रहा था. मैंने आज तक इतना मोटा और लम्बा लंड नहीं देखा था. फिर मैंने झट से उसे अपने मुँह में ले लिया और उसकी चूसने लगी. सचिन के मुँह से आह आह की आवाज़ आने लगी. 15-20 मिनट चूसने के बाद वो बोलने लगा-

सचिन: मेरा निकलने वाला है. कहा निकालूँ?

मैंने उसको बोला: मेरे मुँह में निकाल दे.

फिर वो मेरे मुँह में झड़ गया. उसके बाद हम कुछ देर लेटे रहे और फिर सचिन का लंड खड़ा हो गया. फिर सचिन ने मुझे अपने नीचे लिटाया और मेरी कमर के नीचे एक पिलो लगाया. मैंने उसको बोला की लंड पे कोई क्रीम लगा ले. फिर उसने क्रीम लगा ली और मेरी चूत पर भी थोड़ी क्रीम लगा दी.उसके बाद उसने अपना लंड मेरी चूत के मुँह पर रखा और अंदर डाल दिया. मेरी तो जान निकल गयी. मैं ज़ोर से चिल्लाई और उसने एक-दम से अपना लंड निकाल लिया.

वो बोला: ज़्यादा दर्द हो रहा है क्या?

मैंने उसको बोला: कोई एक साथ थोड़ी डालता है. आराम से डाल.

फिर उसने आराम से डाला. मुझे बहुत दर्द हो रहा था. मेरी आँखों से आंसू आ रहे थे. पर सचिन ने धीरे-धीरे मेरी चूत में अपना पूरा लंड डाल दिया. मुझे एक अलग ही सुकून मिल रहा था. कुछ देर रुकने के बाद सचिन ने मेरी चुदाई चालु की. वो धीरे-धीरे करने लगा. मुझे मज़ा आने लगा और मैं उसको तेज़ करने के लिए बोलने लगी. फिर उसने तेज़ी से चोदना चालु किया.

मै: आह आह आह आह मर गयी. फाड़ दे अपनी चाची की चूत बना ले हमेशा के लिए अपना. बना ले अपनी रांड मुझे. और मैं आह आह अह्ह्ह अह्ह्ह करती रही.

सचिन भी बोल रहा था- आज तक ऐसी चूत नहीं चोदी. मज़ा आ रहा है चाची. chachi ki chudai story

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फिर मैंने उसको लिटाया और काउगर्ल पोजीशन में चुदाई करने लगी जिसमे उसका लंड मेरे ज़्यादा अंदर तक जा रहा था. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. फिर वो डोगी स्टाइल में करने लगा. कभी बूब्स को पकड़ के कभी मेरी गांड को दबाता कभी गांड पर मारता. मुझे उसको इस तरह चोदना बहुत अच्छा लग रहा था. मेरी पूरी ज़िन्दगी में ऐसी चुदाई नहीं हुई थी कभी. 1 से 1.5 घंटे तक चुदाई चली. जब तक मैं 3-4 बार झड़ गयी थी.

फिर सचिन बोलने लगा: मेरा निकलने वाला है.

मैंने उसको चूत में छोड़ने के लिए कह दिया और वो मेरी चूत में झड़ गया. मेरी चूत में मुझे इतना गरम और इतने वीर्य का एहसास हुआ जैसे किसी ने मेरी चूत में एक ग्लास भर के वीर्य डाल दिया हो. वो फिर 5-10 मिनट तक मेरे ऊपर पड़ा रहा. फिर जैसे ही वो हटा तो उसका वीर्य मेरी चूत से किसी लावा की तरह निकलने लगा. मुझे तो मानो आज ज़िन्दगी मिल गयी. मैंने सचिन को थैंक यू बोला जन्नत दिखाने के लिए.

फिर सचिन बोला: जन्नत तो आपने मुझे दिखाई है. मुझे आज तक इतना मज़ा किसी के साथ नहीं आया.

फिर सचिन उठा और मेरी चूत को देखने लगा. मैं भी उठी और बाथरूम जाके खुद को साफ़ किया और रूम में आके शीशे के सामने अपनी चूत को देखने लगी. मेरी चूत सूज चुकी थी. सचिन उसे देख के स्माइल करने लगा. फिर हम लेट गए और

सचिन बोला: अब मैं आपको कभी भी चोद सकता हूं.

मैं बोली: हां कभी भी चोद सकते हो. मैं तुम्हारी हूं हमेशा के लिए.

फिर वो बोला: आई लव यू चाची जी.

मैंने भी उसको आई लव यू टू बोला और वो मेरे बूब्स को दबाने लगा.

मैं बोली: क्यों अभी मन नहीं भरा?

तो वो बोला: अभी तो पूरी रात बाकी है. फिर वो मुझे किश करने लगा. उस रात हमने 4-5 बार चुदाई करि.

तो दोस्तों आपको ये कहानी कैसी लगी कमेंट मे ज़रूर बताना..

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